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मई, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बचपन के cricket के रुल्स -Childhood mamory story in hindi

 बचपन के cricket के रुल्स 9 ईंटो की विकेट होगी 😁 . पहली try ball होगी 😁 . जो बाऊन्डरी के बाहर ball फेकेंगा,  वो खुद वापस लेके आयेगा....  😁 . बैटिंग टीम अम्पायरींग करेगी.... 😋 दिवार को डायरेक्ट लगा तो सिक्स,  बॉल बाहर गयी तो आऊट…. 😍😍 . आखिरी वैट्समैन अकेला वैटिंग कर सकता है…😎 . जो बीच मे गेम छोडे़गा,  उसे कल नही खिलाया जायगा 😗 . जो बॉल बाहर फेकेगाा वो खुद लायेगा,  नही तो खरीद कर देगा…  😍 . छोटे बच्चे केवल fielding करेंगे,  उनको लास्ट मे खिलायेंगे…😂  . जब अंधेरा हो जायेगा ball slow करायी जायेगी..😝 . दिवार को लग कर कैच हूआ तो not out…😌 . तीन ball लगातार वाईड की तो औवर कैंसिल…😁😍 . जो जीतेगा वो अगली बार पहले वैटिंग करेगा.. 😛 . कीपर अगर आगे से बॉल पकड़ा तो out नही होगा,  no ball मिलेगा.. 😜 . बैटिंग नही आई तो fielding नही… 😏 . तीन वॉल से ज्यादा पर रन नही बना तो रिटायर..😄😂😂 . अगर एम्पायर की बात नही मानी तो देखने वाले का अंतिम फैसला होगा.. .😄 . मैच के दौरान अगर घर से वुलावा आ गया तो जा सकता है,  पारी नही कटेगी… 😃 . जिसक...

न्यायधीश का अनोखा दंड -अमेरिका की सत्य घटना

 जीवन बदल देने वाली घटना अमेरिकी न्यायधीश की अनोखी सजा  अमेरिका में एक पंद्रह साल का लड़का था, स्टोर से चोरी करता हुआ पकड़ा गया। पकड़े जाने पर गार्ड की गिरफ्त से भागने की कोशिश में स्टोर का एक शेल्फ भी टूट गया।  जज ने जुर्म सुना और लड़के से पूछा, "क्या तुमने सचमुच चुराया था ब्रैड और पनीर का पैकेट"? लड़के ने नीचे नज़रें कर के जवाब दिया- जी हाँ। जज :- क्यों ? लड़का :- मुझे ज़रूरत थी। जज :-  खरीद लेते। लड़का :- पैसे नहीं थे। जज:- घर वालों से ले लेते। लड़का:- घर में सिर्फ मां है। बीमार और बेरोज़गार है, ब्रैड और पनीर भी उसी के लिए चुराई थी। जज:- तुम कुछ काम नहीं करते ? लड़का:- करता था एक कार वाश में। मां की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी की थी, तो मुझे निकाल दिया गया। जज:- तुम किसी से मदद मांग लेते? लड़का:- सुबह से घर से निकला था, लगभग पचास लोगों के पास गया, बिल्कुल आख़िर में ये क़दम उठाया। जिरह ख़त्म हुई, जज ने फैसला सुनाना शुरू किया, चोरी और विशेषतौर से ब्रैड की चोरी बहुत ही शर्मनाक अपराध है और इस अपराध के हम सब ज़िम्मेदार हैं। "अदालत में मौजूद हर शख़्स.. मुझ सहित सभी अ...

जितनी बार पढ़ो उतनी बार जिंदगी का सबक दे जाती है ये कहानी ....

 Life motivation Story in Hindi  जीवन के 20 साल हवा की तरह उड़ गए । फिर शुरू हुई नोकरी की खोज । ये नहीं वो, दूर नहीं पास । ऐसा करते करते 2 3 नोकरियाँ छोड़ते एक तय हुई। थोड़ी स्थिरता की शुरुआत हुई। फिर हाथ आया पहली तनख्वाह का चेक। वह बैंक में जमा हुआ और शुरू हुआ अकाउंट में जमा होने वाले शून्यों का अंतहीन खेल। 2- 3 वर्ष और निकल गए। बैंक में थोड़े और शून्य बढ़ गए। उम्र 25 हो गयी। और फिर विवाह हो गया। जीवन की राम कहानी शुरू हो गयी। शुरू के एक 2 साल नर्म, गुलाबी, रसीले, सपनीले गुजरे । हाथो में हाथ डालकर घूमना फिरना, रंग बिरंगे सपने। पर ये दिन जल्दी ही उड़ गए। और फिर बच्चे के आने ही आहट हुई। वर्ष भर में पालना झूलने लगा। अब सारा ध्यान बच्चे पर केन्द्रित हो गया। उठना बैठना खाना पीना लाड दुलार । समय कैसे फटाफट निकल गया, पता ही नहीं चला। इस बीच कब मेरा हाथ उसके हाथ से निकल गया, बाते करना घूमना फिरना कब बंद हो गया दोनों को पता ही न चला। बच्चा बड़ा होता गया। वो बच्चे में व्यस्त हो गयी, मैं अपने काम में । घर और गाडी की क़िस्त, बच्चे की जिम्मेदारी, शिक्षा और भविष्य की सुविधा और साथ ही बैंक में शुन्...

जानिए कैसे हुआ महाबली हनुमानजी का जन्म

 कैसे हुआ हनुमान जी का जन्म  (हनुमानजी के जन्म की कथा ) Hanuman Birth Story  यूं तो भगवान हनुमान जी को अनेक नामों से पुकारा जाता है, जिसमें से उनका एक नाम वायु पुत्र भी है। जिसका शास्त्रों में सबसे ज्यादा उल्लेख मिलता है। शास्त्रों में इन्हें वातात्मज कहा गया है अर्थात् वायु से उत्पन्न होने वाला ,कैसे हुआ हनुमान जी का जन्म पुराणों की कथानुसार हनुमान की माता अंजना संतान सुख से वंचित थी। कई जतन करने के बाद भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इस दुःख से पीड़ित अंजना मतंग ऋषि के पास गईं, तब मंतग ऋषि ने उनसे कहा-पप्पा सरोवर के पूर्व में एक नरसिंहा आश्रम है,  उसकी दक्षिण दिशा में नारायण पर्वत पर स्वामी तीर्थ है वहां जाकर उसमें स्नान करके, बारह वर्ष तक तप एवं उपवास करना पड़ेगा तब जाकर तुम्हें पुत्र सुख की प्राप्ति होगी। अंजना ने मतंग ऋषि एवं अपने पति केसरी से आज्ञा लेकर तप किया था बारह वर्ष तक केवल वायु का ही भक्षण किया तब वायु देवता ने अंजना की तपस्या से खुश होकर उसे वरदान दिया जिसके परिणामस्वरूप चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा को अंजना को पुत्र की प्राप्ति हुई। वायु के द्वारा उत्पन्न इस...