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जून, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गाँव में तो डिप्रेशन को भी डिप्रेशन हो जायेगा..

 गाँव में तो डिप्रेशन को भी डिप्रेशन हो जायेगा। उम्र 25 से कम है और सुबह दौड़ने निकल जाओ तो गाँव वाले कहना शुरू कर देंगे कि  “लग रहा सिपाही की तैयारी कर रहा है " फ़र्क़ नही पड़ता आपके पास गूगल में जॉब है। 30 से ऊपर है और थोड़ा तेजी से टहलना शुरू कर दिये तो गाँव में हल्ला हो जायेगा कि “लग रहा इनको शुगर हो गया " कम उम्र में ठीक ठाक पैसा कमाना शुरू कर दिये तो आधा गाँव ये मान लेगा कि आप कुछ दो नंबर का काम कर रहे है। जल्दी शादी कर लिये तो “बाहर कुछ इंटरकास्ट चक्कर चल रहा होगा इसलिये बाप जल्दी कर दिये " शादी में देर हुईं तो “दहेज़ का चक्कर बाबू भैया, दहेज़ का चक्कर, औकात से ज्यादा मांग रहे है लोग " बिना दहेज़ का कर लिये तो “लड़का पहले से सेट था, इज़्ज़त बचाने के चक्कर में अरेंज में कन्वर्ट कर दिये लोग" खेत के तरफ झाँकने नही जाते तो “बाप का पैसा है " खेत गये तो “नवाबी रंग उतरने लगा है " बाहर से मोटे होकर आये तो गाँव का कोई खलिहर ओपिनियन रखेगा “लग रहा बियर पीना सीख गया " दुबले होकर आये तो “लग रहा सुट्टा चल रहा " कुलमिलाकर गाँव के माहौल में बहुत मनोर...

भोजन के 4 प्रकार ......

भोजन के प्रकार ..... #भीष्म पितामह ने अर्जुन को 4 प्रकार से भोजन न करने के लिए बताया था ...!  1 ;- पहला भोजन .... जिस भोजन की थाली को कोई लांघ कर गया हो वह भोजन की थाली नाले में पड़े कीचड़ के समान होती है ...! 2 :-दूसरा भोजन .... जिस भोजन की थाली में ठोकर लग गई,पाव लग गया वह भोजन की थाली भिष्टा के समान होता है ....! 3 :- तीसरे प्रकार का भोजन .... जिस भोजन की थाली में बाल पड़ा हो, केश पड़ा हो वह दरिद्रता के समान होता है ....! 4 :-चौथे नंबर का भोजन .... अगर पति और पत्नी एक ही थाली में भोजन कर रहे हो तो वह मदिरा के तुल्य होता है ..... और सुनो अर्जुन अगर पत्नी,पति के भोजन करने के बाद थाली में भोजन करती है उसी थाली में भोजन करती है या पति का बचा हुआ खाती है तो उसे चारों धाम के पुण्य का फल प्राप्त होता है ...! चारों धाम के प्रसाद के तुल्य वह भोजन हो जाता है ....! और सुनो अर्जुन ..... बेटी अगर कुमारी हो और अपने पिता के साथ भोजन करती है एक ही थाली में तो उस पिता की कभी अकाल मृत्यु नहीं होती .... क्योंकि बेटी पिता की अकाल मृत्यु को हर लेती है ! इसीलिए बेटी जब तक कुमारी रहे तो अपने पिता के स...

एक Red Light Area मे क्या खूब बात लिखी red light area exposed

 एक रेड लाईट एरिया मे क्या खूब बात लिखी पाई गई red light area exposed  "यहाँ सिर्फ जिस्म बिकता है, ईमान खरीदना हो" तो अगले चौक पर *पुलिस स्टेशन" हैं  . आप चाहते हैं, कि आपकी तानाशाही चले  औरकोई आपका विरोध न करे  तो आप भारत में *न्यायाधीश* बन जाइये ! . आप चाहते हैं, कि आप एक से बढ़कर एक झूठ बोलें अदालत में, लेकिन कोई आपको सजा न दे, तो आप *वकील* बन जाइये ! . कोई महिला चाहती हो कि वो खूब देह व्यापार करे लेकिन कोई उनको वेश्या न बोले, तो बॉलीवुड में *हिरोइन* बन जाये ! . आप चाहते हैं, कि आप खूब लूट मार करें, लेकिन कोई आपको डाकू न बोले, तो आप भारत में *राजनेता* बन जाइये ! . आप चाहते हैं, कि आप दुनिया के हर सुख मांस,मदिरा,स्त्री इत्यादि का आनंद लें,  लेकिन कोई आपको भोगी न कहे, तो किसी भी धर्म के *धर्मगुरु* बन जाओ ! . आप चाहते हैं, कि आप किसी को भी बदनाम कर दें, लेकिन आप पर कोई मुकदमा न हो, तो मीडिया में *रिपोर्टर* बन जाइये ! . यकीन मानिये कोई आप का बाल भी बाँका नहीं कर पाएगा. भारत में, हर *"गंदे"* काम के लिए एक *वैधानिक पद* उपलब्ध है,  इसीलिए *मेरा भारत महान*...

कमर दर्द , सर्वाइकल और चारपाई.....

 कमर दर्द , सर्वाइकल और चारपाई..... हमारे पूर्वज वैज्ञानिक थे। सोने के लिए खाट हमारे पूर्वजों की सर्वोत्तम खोज है। हमारे पूर्वजों क्या लकड़ी को चीरना नहीं जानते थे ? वे भी लकड़ी चीरकर उसकी पट्टियाँ बनाकर डबल बेड बना सकते थे। डबल बेड बनाना कोई रॉकेट सायंस नहीं है। लकड़ी की पट्टियों में कीलें ही ठोंकनी होती हैं। चारपाई भी भले कोई सायंस नहीं है , लेकिन एक समझदारी है कि कैसे शरीर को अधिक आराम मिल सके। चारपाई बनाना एक कला है। उसे रस्सी से बुनना पड़ता है और उसमें दिमाग और श्रम लगता है। जब हम सोते हैं , तब सिर और पांव के मुकाबले पेट को अधिक खून की जरूरत होती है ; क्योंकि रात हो या दोपहर में लोग अक्सर खाने के बाद ही सोते हैं। पेट को पाचनक्रिया के लिए अधिक खून की जरूरत होती है। इसलिए सोते समय चारपाई की जोली ही इस स्वास्थ का लाभ पहुंचा सकती है। दुनिया में जितनी भी आरामकुर्सियां देख लें , सभी में चारपाई की तरह जोली बनाई जाती है। बच्चों का पुराना पालना सिर्फ कपडे की जोली का था , लकडी का सपाट बनाकर उसे भी बिगाड़ दिया गया है। चारपाई पर सोने से कमर और पीठ का दर्द का दर्द कभी नही होता है। दर्द होने पर ...